पूर्णता प्राप्त नहीं हो सकती ।
लेकिन यदि हम पूर्णता प्राप्त करने का प्रयत्न करते रहें
तो हम उत्कृष्टता तक पहुँच सकते हैं
इच्छा के रहते प्राण चले जाएं तो वह मृत्यु अर्थात कालचक्र अथवा आवागमन की क्रिया का एक अंग है। और अगर प्राण के रहते इच्छाएं चली जाए तो वह मुक...
No comments:
Post a Comment