Monday, June 27, 2022

जो करते हैं तुमसे हमारी बुराईयां

बड़े ऐतमाद और तंज़-ओ-मज़ाह से 
जो करते हैं तुमसे हमारी बुराईयां 

मिलते हैं जब आके हमसे वो  'राजन '
तो  करते हैं हमसे तुम्हारी बुराईयां 
                         " राजन सचदेव "

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें गपशप करने में बहुत दिलचस्पी होती है। 
उन्हें बातें बनाना और अफवाहें फैलाना बहुत अच्छा लगता है । 
उन्हें अन्य लोगों की ख़ामियों और ग़लतियों के बारे में बात करने में मज़ा आता है । 
अगर वो किसी की कोई भूल या ग़लती के बारे में सुनते हैं -
तो उस बात की सच्चाई और प्रामाणिकता की जाँच किए बिना ही उसे चारों ओर फैलाना शुरु कर देते हैं।

याद रखें -  कि जो लोग आप के पास आकर दूसरों की निंदा करते हैं - उनकी बुराईयां करते हैं 
वो उनके पास जाकर उनसे आपकी बुराइयां - और आप की निंदा भी ज़रुर करते होंगे। 
                                                                                                     " राजन सचदेव "

एतमाद = विश्वास, उत्साह 
तंज़-ओ-मज़ाह से  = आलोचना और व्यंग्य पूर्ण मज़ाकिया लहज़े में 

4 comments:

  1. Excellent and very true

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  2. Nice और हमें इस तरह के चालाक इंसानों की महफिल में बैठने से बचना चाहिए

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  3. Absolutely Right mahapurso ji ashierbad Dena may aesya na karu ji💐💐🙏🙏

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