कुछ इस तरह से गुज़री है ज़िंदगी जैसे
तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा
Kuchh iss tarah say guzari hai zindagi jaisay
Tamaam umar kisi doosray kay ghar me rahaa
'Ahmad Faraaz'
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मृत्यु से मोक्ष तक — From Death to Liberation
इच्छा के रहते प्राण चले जाएं तो वह मृत्यु अर्थात कालचक्र अथवा आवागमन की क्रिया का एक अंग है। और अगर प्राण के रहते इच्छाएं चली जाए तो वह मुक...
-
लालयेत पंच वर्षेषु - दश वर्षेषु ताड़येत प्राप्ते तु षोडशे वर्षे - पुत्रे मित्र वदाचरेत Laalyait Panch varsheshu - Dash varsheshu Taadyait ...
-
If we put a diamond in a box - it becomes a jewelry box. If we put trash in it, it becomes a trash can. What we will become - depends ...
-
मध्यकालीन युग के भारत के महान संत कवियों में से एक थे कवि रहीम सैन - जिनकी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनके समय में थी। कव...
Exactly
ReplyDeleteExcellent 🙏
ReplyDeleteExcellent thought !
ReplyDelete