- किसी से भी मिल सकती है
लेकिन संकल्प एवं विकल्प -
निर्णय ले कर उस पर कर्म करना - उसे व्यवहार में लाना
ये पूर्ण रुप से हमारी अपनी जिम्मेदारी है
' राजन सचदेव '
' राजन सचदेव '
जीवन में जब द्वन्द बढ़ने लगे हृदय जब दुःखों से बिखरने लगे तो लेना प्रभु का सहारा प्रिये दर उसका खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए ...
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