दर्पण - कभी झूठ नहीं दिखाता
ज्ञान - कभी भयभीत नहीं होने देता
सत्य - कभी कमजोर नहीं होने देता
सच्चा प्रेम - कभी ईर्ष्या नहीं करने देता
सच्चाआध्यात्म - मोह नहीं होने देता
सही कर्म - कभी असफल नहीं होने देता
विश्वास - कभी निराश नहीं होने देता
जीवन में जब द्वन्द बढ़ने लगे हृदय जब दुःखों से बिखरने लगे तो लेना प्रभु का सहारा प्रिये दर उसका खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए ...
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