Thursday, June 29, 2023

अल्पज्ञ और विद्वान

एक अल्पज्ञ - एक नासमझ व्यक्ति भी विद्वान और प्रतिभाशाली बन सकता है
जब वह यह स्वीकार कर लेता है कि वह नासमझ है
और ज्ञान एवं प्रतिभा प्राप्त करने का यत्न करने लगता है।

और दूसरी तरफ - एक विद्वान व्यक्ति भी मूर्ख बन जाता है
जब वह अपने आप को एक महा विद्वान और प्रतिभाशाली व्यक्ति मानने लगता है।
उसका उत्थान - उसकी तरक़्क़ी वहीं रुक जाती है
और वो कभी आगे नहीं बढ़ पाता।

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...