Tuesday, January 31, 2023

जहाँ बजते हैं नक़्क़ारे

फ़लक देता है जिन को ऐश उन को ग़म भी होते हैं 
जहाँ बजते हैं नक़्क़ारे - वहाँ मातम भी होते हैं 
                                          " दाग़ देहलवी "

सुख पाने वालों को - दुख भी होते हैं।
जहाँ हर्षोल्लास के नगाड़े बजते हैं - वहाँ शोक भी होते हैं।

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...