Saturday, March 2, 2024

जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है

जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है 
जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है 
जीवन में सब को सब कुछ मिलने का वायदा भी नहीं है 

इसलिए - 
जीवन जैसा है वैसे ही स्वीकार कर के इसे उत्तम बनाने का प्रयास करें
और आनंद लें ।
                      " राजन सचदेव "

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...