जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है
जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है
जीवन में सब को सब कुछ मिलने का वायदा भी नहीं है
इसलिए -
जीवन जैसा है वैसे ही स्वीकार कर के इसे उत्तम बनाने का प्रयास करें
और आनंद लें ।
" राजन सचदेव "
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
Superb 👌👌🙏
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