जीवन में कुछ भी स्थाई नहीं है
जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है
जीवन में सब को सब कुछ मिलने का वायदा भी नहीं है
इसलिए -
जीवन जैसा है वैसे ही स्वीकार कर के इसे उत्तम बनाने का प्रयास करें
और आनंद लें ।
" राजन सचदेव "
(Scroll down for English version) एक अनेक ब्यापक (व्यापक) पूरक जत्त देखूं तत सोई । माया चित्र बचित्र बिमोहित, विरला बूझै कोई ।। सब गोविन्द...
Superb 👌👌🙏
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