फूल कितना भी सुन्दर हो -
तारीफ़ ख़ुशबू से होती है
इंसान कितना भी बड़ा हो -
क़दर उसके गुणों से होती है
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Dhan Nirankar 🙏🙏🙏🙏
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
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ReplyDeleteDhan Nirankar
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