Saturday, October 3, 2020

मैं क्या हूँ ?

मैं सार्वभौमिक चेतना का एक छोटा सा हिस्सा हूँ -

इस धरती पर एक प्राणी - एक मनुष्य के रुप में आया हूँ  -

कुछ नए सबक सीखने के लिए - कुछ पुराने दोहराने के लिए 

और कोशिश कर रहा हूँ कि यहां मेरी वजह से कम से कम नुकसान हो 

और जो सीखना है वो सीख सकूं -

  - इस से पहले कि मुझे वापस ब्रह्मांड में नवीकरण के लिए बुला लिया जाए 

                                          ' राजन सचदेव '

No comments:

Post a Comment

कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...