Tuesday, October 17, 2023

शुभ नवरात्रि

 


या देवी सर्वभूतेषु
गायक: नैना सप्रू (जम्मू काश्मीर)
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या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरुपेण  संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में शक्ति के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु विष्णुमायेति शब्दिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में विष्णुमाया के नाम से कही जाती है
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है

या देवी सर्वभूतेषु चेतनेत्यभिधीयते ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में चेतना के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में बुद्धि के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु लज्जारुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में लज्जा के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु शान्तिरुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में शांति के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु श्रद्धारुपेण  संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में श्रद्धा के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरुपेण  संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में शक्ति रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु लक्ष्मीरुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में लक्ष्मी के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु दयारुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में दया के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु तुष्टिरुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में तुष्टि - संतोष के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु मातृरुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में माता के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषू कान्ति रुपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में कांति (तेज, ज्योति, उर्जा) के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु तृष्णारुपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में इच्छा के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषू क्षान्तिरुपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो देवी माँ संसार के सभी प्राणियों में क्षमा के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

या देवी सर्वभूतेषु स्मृतिरुपेण  संस्थिता ।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

जो दैवी शक्ति संसार के सभी प्राणियों में स्मृति के रुप में विद्यमान है 
उसे नमस्कार - नमस्कार - बारंबार नमस्कार है 

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