Friday, October 13, 2023

जग के भोग-विलास

          जग के भोग-विलास तो अल्पविराम हैं 
          संतोष और आभार ही पूर्णविराम हैं 

किसी वाक्य में अल्पविराम का अर्थ होता है एक छोटा सा विराम 
और विराम के बाद वह वाक्य जारी रहता है।
जबकि पूर्ण विराम का अर्थ उस वाक्य का अंत होता है।

जग के भोग विलास अल्पविराम की तरह हैं 
जिनसे अल्पकारिक प्रसन्नता तो मिलती है लेकिन कुछ देर के बाद फिर वही अशांति - 
मन में फिर वही रिक्तता महसूस होने लगती है - 
तथा कुछ और नया पाने की इच्छा जागृत हो जाती है। 

संतुष्टि और कृतज्ञता की भावनाओं से ही जीवन में दीर्घकालिक शांति आ सकती है  -
केवल सांसारिक सुख-सुविधाओं से नहीं। 
                                                " राजन सचदेव "

अल्पविराम      =  Comma
पूर्णविराम        =  Full Stop, Period

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...