Monday, October 9, 2023

हम वही देखते हैं जो देखना चाहते हैं

संसार में सब कुछ वैसा ही दिखाई देता है जैसा हम देखना चाहते हैं। 
चाहे कोई व्यक्ति हो या घटना - 
हर चीज़ हमें वैसी ही दिखाई देती है जैसी हम देखना चाहते हैं। 

कोई व्यक्ति अच्छा है या बुरा - 
कोई काम सरल है या जटिल - आसान है या कठिन  - 
कोई घटना शुभ है या अशुभ - 
ये सब हमारी अपनी दृष्टि और सोच पर निर्भर होता है कि हम उन्हें कैसे और किसी दृष्टिकोण से देखते हैं।

और हम उन्हें कैसे देखते हैं -- 
यह हमारी उस समय की सोच एवं मनोवृति पर निर्भर करता है।

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...