Wednesday, December 14, 2022

शांति मंत्र का पाठ तीन बार क्यों किया जाता है?

सभी सनातन प्रार्थनाओं और वेदों या उपनिषदों के मंत्रों का उच्चारण करने के बाद 
ॐ शांति शांति शांति कहा जाता है -
एक बार नहीं बल्कि तीन बार।

स्वाभाविक रुप से, मन में ये प्रश्न उठता है कि हम तीन बार "शांति शांति शांति" क्यों कहते हैं?

पहली बात  - प्रार्थना के बाद शांति पाठ करने का अर्थ है: 
हमें शांति मिले - आपको शांति मिले ।
संसार में हर जगह और हर प्राणी को शांति मिले।

लेकिन पहला सवाल तो यह है कि शांति के लिए प्रार्थना करने की ज़रुरत ही क्या है?
शांति तो हर चीज की एक प्राकृतिक अवस्था है।
अशांति तो कोई दूसरा - कोई चीज़ - कोई दुर्घटना या हम स्वयं ही पैदा करते हैं। 
ज़रा सोचिए कि जब तक कोई शोर नहीं करता तब तक कमरे में शांति ही तो होती है।
शांति सभी प्राणियों की भी प्राकृतिक अवस्था है -
जब हम किसी बाधा - किसी घटना अथवा रुकावटों से विचलित हो जाते हैं तो शांति भंग हो जाती है -- हम अशांत हो जाते हैं।

दूसरे शब्दों में, शांति - अशांति, पीड़ा और दुःख के विपरीत की स्थिति है।
इसलिए शांति के लिए प्रार्थना करने का अर्थ यह भी है कि किसी को कोई कष्ट एवं दुःख न हो।

अब दूसरा सवाल यह पैदा होता है - इसे तीन बार कहने की क्या ज़रुरत है?

प्राचीन भारतीय विचारधारा के अनुसार, दुःख और पीड़ा के तीन स्रोत हैं।

अधिदैविक - प्राकृतिक आपदाएं 
   - दैविक अथवा प्रकृति द्वारा पैदा किये गए संकट - जैसे भूकंप, बाढ़, तूफान, बवंडर इत्यादि।

अधिभौतिक - अन्य प्राणियों या परिवेश और परिस्थितियों से प्रभावित दुःख 
     - जैसे किसी जानवर, या अन्य लोगों अथवा समाज द्वारा प्रेषित - अपराध, प्रदूषण, दुर्घटना एक्सीडेंट आदि।

अधि-आत्मिक - शारीरिक या मानसिक रोग।
    हमारे शरीर और मन की समस्याएं - जैसे शारीरिक रोग, बीमारी, क्रोध, कुंठा, तनाव इत्यादि।

इन्हें संक्षेप में आधि, उपाधि और व्याधि भी कहा जाता है।

चूँकि कष्ट तीन प्रकार के होते हैं -
इसलिए, शांति के लिए तीव्र इच्छा प्रकट करने के लिए -
उपरोक्त तीनों स्त्रोतों से उत्पन्न होने वाली सभी बाधाओं, समस्याओं और कष्टों को समाप्त करने के लिए तीन बार " शांति शांति शांति " का जाप किया जाता है 
         ताकि हर जगह और हर प्रकार से शांति कायम हो सके।
                                      " राजन सचदेव "

7 comments:

  1. Thank for clearing

    ReplyDelete
  2. Beautiful Rajan Ji
    aaj pata chala adhi vyadhi aur upadhi ki paribhasha🙏

    ReplyDelete
  3. Beautiful ji mahapurso ji💐🙏

    ReplyDelete
  4. Wow never knew… thx a lot for all your teachings…

    ReplyDelete

Chup rehna nahin aata (Why can't I stay silent)

Na jaanay kyon mujhay mehfil mein chup rehna nahin aata Zamaanay kay ishaaron par mujhay chalnaa nahin aata Sachaayi ko banaavat kay bina ke...