Saturday, August 27, 2016

बदलाव करके देख / Badlaav Kar ke Dekh

शब्दों के इत्तेफाक़ में 
           बदलाव करके देख ...

तू देख कर न मुस्कुरा...
           बस मुस्कुरा के देख ...



Shabdon ke Ittefaaq me 
                   Badlaav Kar ke Dekh 

Tu Dekh kar Na Muskura 
                 Bus Muskura ke Dekh


1 comment:

कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...