Saturday, June 28, 2014

I can never achieve Moksha


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मृत्यु से मोक्ष तक — From Death to Liberation

इच्छा के रहते प्राण चले जाएं तो वह मृत्यु अर्थात कालचक्र अथवा आवागमन की क्रिया का एक अंग है।  और अगर प्राण के रहते इच्छाएं चली जाए तो वह मुक...