जानते हो हम हमेशा खुश क्यों नहीं रह सकते?
क्योंकि जो चीज़ें हमारे दुःख का कारण हैं -
जो बातें हमें दुःख देती हैं - उन्हें हम छोड़ नहीं पाते।
जो यादें हमें उदास कर देती हैं - हम उन्हें भूल नहीं पाते।
और इसी लिए - जो है - उसका आनंद नहीं ले पाते।
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
Very true - Vipan
ReplyDeleteTrue mahapurso ji🪷🪷🙏🙏
ReplyDeleteSo true
ReplyDeleteThis is really awesome uncle ji 🙏 Love it
ReplyDeleteVery true…. Very hard to follow.
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