Saturday, February 24, 2024

अच्छाई और बुराई

अच्छाई और बुराई - दोनों ही संसार में मौजूद हैं। 
ये हम पर निर्भर करता है कि हम दोनों में से क्या चुनते हैं। 

अच्छे और सही मार्ग का चुनाव हमने स्वयं करना है। 
क्योंकि अंततः हमें फल तो हमारे अपने कर्म अनुसार ही मिलेगा।
                                   "  राजन सचदेव "

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...