Tuesday, March 7, 2023

हिलोरें ले रहा हो मन - समझ लेना कि होली है

हिलोरें ले रहा हो मन  - समझ लेना कि होली है
करें जब पाँव खुद नर्तन, समझ लेना कि होली है  

किसी को याद करते ही अगर बजते सुनाई दें
कहीं घुँघरु कहीं कंगन, समझ लेना कि होली है

कभी खोलो अचानक आप अपने घर का दरवाजा
खड़े देहरी पे हों साजन, समझ लेना कि होली है

तरसती जिसके हों दीदार तक को आपकी आंखें
उसे छूने का आये क्षण, समझ लेना कि होली है

हमारी ज़िन्दगी यूँ तो है इक काँटों भरा जंगल
अगर लगने लगे मधुबन, समझ लेना कि होली है

बुलाये जब तुझे वो गीत गा कर ताल पर ढफ की
जिसे माना किये दुश्मन, समझ लेना कि होली है

अगर महसूस हो तुमको कभी जब सांस लो 'नीरज'
हवाओं में घुला चन्दन, समझ लेना कि होली है
                                    " महाकवि नीरज "

              होली की हार्दिक शुभकामनाएं

1 comment:

ज्ञान एवं विवेक के मोती

अशांत - भीड़ भाड़ और शोरोगुल से भरा जीवन उन लोगों को ही अच्छा लगता है जो नेतृत्व करना चाहते हैं  - जो अपने और दूसरों के जीवन और आस पास के परि...