फ़लक देता है जिन को ऐश उन को ग़म भी होते हैं
जहाँ बजते हैं नक़्क़ारे - वहाँ मातम भी होते हैं
" दाग़ देहलवी "
सुख पाने वालों को - दुख भी होते हैं।
जहाँ हर्षोल्लास के नगाड़े बजते हैं - वहाँ शोक भी होते हैं।
एक सनातन वैदिक प्रार्थना: सर्वेषां स्वस्तिर्भवतु । सर्वेषां शान्तिर्भवतु । सर्वेषां पूर्णं भवतु । सर्वेषां मंगलं भवतु ॥ अर्थात: सबका (हर ...
Absolutely!
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