Thursday, December 9, 2021

राह देखते हैं रोज़

           राह देखते हैं रोज़ फ़रिश्तों के आने की  
           घर के दरवाजे पे मगर कुत्ता बिठा रखा है 

पश्चिमी परंपराओं में - फरिश्तों अर्थात देवदूतों अथवा स्वर्गदूतों को सफेद चोला पहने हुए दिखाया जाता है - जो कि शांति और आनंद का प्रतीक है।

पूर्वी परंपराओं में कुत्ते को लालच और अत्यधिक इच्छाओं का प्रतीक माना जाता है।

यदि मन रुपी घर अत्यधिक इच्छाओं और लोभ से भरा हुआ है 
तो शांति और आनंद वहां कैसे प्रवेश कर सकता है?
                                                ' राजन सचदेव '

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