Thursday, December 2, 2021

Happiness and Sorrow सुख और दुख

Like the rose and the thorns  - 
happiness and sorrow are linked together. 
We can not concede one without the other. 

गुलाब के फूल और काँटों की तरह -
सुख और दुख भी एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।
एक के बिना दूसरे को समझना संभव नहीं है 

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सुमति कुमति सब कै मन माहिं

    सुमति कुमति सबके उर रहहीं। नाथ पुरान निगम अस कहहीं॥     जहाँ सुमति तहँ संपति नाना। जहाँ कुमति तहँ बिपति निदाना॥                         ...