Like the rose and the thorns -
happiness and sorrow are linked together.
We can not concede one without the other.
गुलाब के फूल और काँटों की तरह -
सुख और दुख भी एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं।
एक के बिना दूसरे को समझना संभव नहीं है
रौशनी कभी शोर नहीं मचाती कि वह दुनिया को रौशन कर सकती है, न ही वह अंधेरे से बहस करती है। वो तो बस चमकती है और अपने आस-पास की हर चीज़ को रौश...
🙏🙏 !
ReplyDeleteAnil Gambhir
very nice explanation
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