झूठ और भ्रांति अच्छे लगते हैं -
पर इन से जीवन में क्रांति नहीं आती
सच्चाई कड़वी होती है
लेकिन उसे समझे बिना जीवन में शांति नहीं आती
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
🙏
ReplyDeleteVery true🙏🏻🤲
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