सफलता प्राप्त करने के लिए
सिर्फ कल्पना ही नहीं
सार्थक कर्म करना भी ज़रुरी है।
ऊपर जाने के लिए
सीढ़ियों को देखना ही पर्याप्त नही है
सीढ़ियों पर चढ़ना भी ज़रुरी है।
निज़ाम-ए-मैकदा बिगड़ा हुआ है इस क़दर साक़ी उसी को जाम मिलता है जिसे पीना नहीं आता ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Nizaam-e-maikada bigadaa hua hai i...
Right sir!
ReplyDeleteRight mahapurso ji🌹🌹👏🏾👏🏾
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