सफलता प्राप्त करने के लिए
सिर्फ कल्पना ही नहीं
सार्थक कर्म करना भी ज़रुरी है।
ऊपर जाने के लिए
सीढ़ियों को देखना ही पर्याप्त नही है
सीढ़ियों पर चढ़ना भी ज़रुरी है।
इच्छा के रहते प्राण चले जाएं तो वह मृत्यु अर्थात कालचक्र अथवा आवागमन की क्रिया का एक अंग है। और अगर प्राण के रहते इच्छाएं चली जाए तो वह मुक...
Right sir!
ReplyDeleteRight mahapurso ji🌹🌹👏🏾👏🏾
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