जो खुश होना ही नहीं चाहते,
उन्हें कोई खुश नहीं कर सकता
…..और ....
जो खुश रहने का हुनर रखते हैं
उन्हें खुश रहने से कोई रोक नहीं सकता।।
आपत्काले तु संप्राप्ते यन् मित्रं मित्रमेव तत्। वृद्धिकाले तु संप्राप्ते दुर्जनोऽपि सुहृद् भवेत्॥ अर्थात: जो विप...
Very true.
ReplyDeleteKeya baat ji
ReplyDeleteVery true ji mahapurso ji🙏🙏💐💐
ReplyDeleteDhandvat Dhan nirankar ji ji uncle ji 🙏
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