तो उसका कारण ये है -
कि उस ने बहुत समय पहले अपने आँगन में वो पेड़ लगाया था।
जो हम भविष्य में चाहते हैं
उसके लिए आज ही प्रयत्न करना पड़ेगा
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
True🙏
ReplyDeleteJi 🙏
ReplyDeleteAnil Gambhir
🙏🙏
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