तो उसका कारण ये है -
कि उस ने बहुत समय पहले अपने आँगन में वो पेड़ लगाया था।
जो हम भविष्य में चाहते हैं
उसके लिए आज ही प्रयत्न करना पड़ेगा
गूंगों को तकल्लुम के मवाक़े हैं मयस्सर और माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं (अज्ञात लेखक) तकल्लुम = वार्ताला...
True🙏
ReplyDeleteJi 🙏
ReplyDeleteAnil Gambhir
🙏🙏
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