Sunday, November 21, 2021

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं
सामान सौ बरस का - पल की ख़बर नहीं
                          " हैरत इलाहाबादी "

कोई नहीं जानता कि वो कब और कैसे इस दुनिया से  जाएंगे  
कोई भी  निश्चित रुप से अपनी  मृत्यु का सही  समय, स्थान और तरीका नहीं  बता सकता 

हम ऐसी चीजें चाहते हैं - बनाते और खरीदते हैं जो सौ साल तक चलेंगी -
लेकिन वास्तव में हम यह भी नहीं जानते कि अगले ही पल क्या होने वाला है।

इसीलिए कहा जाता है कि  मौत और ईश्वर को  हमेशा याद रखो 

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...