Sunday, November 21, 2021

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं

आगाह अपनी मौत से कोई बशर नहीं
सामान सौ बरस का - पल की ख़बर नहीं
                          " हैरत इलाहाबादी "

कोई नहीं जानता कि वो कब और कैसे इस दुनिया से  जाएंगे  
कोई भी  निश्चित रुप से अपनी  मृत्यु का सही  समय, स्थान और तरीका नहीं  बता सकता 

हम ऐसी चीजें चाहते हैं - बनाते और खरीदते हैं जो सौ साल तक चलेंगी -
लेकिन वास्तव में हम यह भी नहीं जानते कि अगले ही पल क्या होने वाला है।

इसीलिए कहा जाता है कि  मौत और ईश्वर को  हमेशा याद रखो 

4 comments:

Michhami Dukkadam मिच्छामी दुक्कड़म

I ask your forgiveness if I ever hurt you with any of my words, actions, or thoughts.  Michhami Dukkadam is an ancient traditional Jain phra...