Tuesday, November 16, 2021

उचित कारण से क्रोध

महान दार्शनिक अरस्तू का कहना था कि -
जो व्यक्ति - उचित कारण से - 
उचित लोगों के साथ - उचित तरीके से - 
सही समय पर और सही समय के लिए क्रोध करता है 
वह प्रशंसनीय है -

ऐसा व्यक्ति धैर्यवान होता है 
क्योंकि एक धैर्यवान व्यक्ति ही फ़िज़ूल की भावनाओं में नहीं बहता 
और अविचलित रह कर सही निर्णय ले सकता है।

2 comments:

Maha Shivaratri -Time to awaken the Shiva Tatva within

    Maha Shivaratri means  realizing the Shiva Tatva and celebrating  the Peace Within. On this night, the constellations are aligned in a ...