हवा वही - क़तरा वही - समंदर भी वही है
जो सर उठा के चला था वो बुलबुला नहीं रहा
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
निज़ाम-ए-मैकदा - The Broken System
निज़ाम-ए-मैकदा बिगड़ा हुआ है इस क़दर साक़ी उसी को जाम मिलता है जिसे पीना नहीं आता ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Nizaam-e-maikada bigadaa hua hai i...
-
मध्यकालीन युग के भारत के महान संत कवियों में से एक थे कवि रहीम सैन - जिनकी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनके समय में थी। कव...
-
बाख़ुदा -अब तो मुझे कोई तमन्ना ही नहीं फिर ये क्या बात है कि दिल कहीं लगता ही नहीं सिर्फ चेहरे की उदासी से भर आए आँसू दिल का आलम तो अ...
-
Kaise bataoon main tumhe Mere liye tum kaun ho Kaise bataoon main tumhe Tum dhadkanon ka geet ho Jeevan ka tum sangeet ho Tum zindagi...
Ego has to perish
ReplyDeleteAti sunder
ReplyDeleteBeautiful thought 🙏
ReplyDelete