दर्पण - कभी झूठ नहीं दिखाता
ज्ञान - कभी भयभीत नहीं होने देता
सत्य - कभी कमजोर नहीं होने देता
सच्चा प्रेम - कभी ईर्ष्या नहीं करने देता
सच्चाआध्यात्म - मोह नहीं होने देता
सही कर्म - कभी असफल नहीं होने देता
विश्वास - कभी निराश नहीं होने देता
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
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