सफलता प्राप्त करने के लिए
सिर्फ कल्पना ही नहीं
सार्थक कर्म करना भी ज़रुरी है।
ऊपर जाने के लिए
सीढ़ियों को देखना ही पर्याप्त नही है
सीढ़ियों पर चढ़ना भी ज़रुरी है।
जीवन में जब द्वन्द बढ़ने लगे हृदय जब दुःखों से बिखरने लगे तो लेना प्रभु का सहारा प्रिये दर उसका खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए ...
Right sir!
ReplyDeleteRight mahapurso ji🌹🌹👏🏾👏🏾
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