Thursday, September 10, 2015

कभी पत्थर की ठोकर से भी ​Kabhi Pathar Ki Thokar Se Bhi ...

 कभी पत्थर की ठोकर से भी आती नहीं खराश 
कभी इक ज़रा सी बात से इन्सान बिखर जाता है 

​Kabhi Pathar Ki Thokar Se Bhi Aati Nahi Kharash
Kabhi Ek Zara Si Baat Se Insaan Bikhar Jata Hai...!










1 comment:

कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...