कभी पत्थर की ठोकर से भी आती नहीं खराश
कभी इक ज़रा सी बात से इन्सान बिखर जाता है
Kabhi Pathar Ki Thokar Se Bhi Aati Nahi Kharash
Kabhi Ek Zara Si Baat Se Insaan Bikhar Jata Hai...!
ये अहंकार या घमंड नहीं - आत्मसम्मान का सवाल है अगर कोई अपना लहजा बदल ले - तो हम भी अपना रास्ता बदल सकते हैं !! This isn't about pride...
How True!
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