भगवान से अक़्ल नहीं, विद्वता नहीं -
नसीब माँगो, कृपा मांगो .......
क्योंकि मैंने हमेशा विद्वानों को भाग्यवानो के लिए काम करते देखा है
दिमाग़ वालों को नसीब वालों की नौकरी करते ही देखा है
सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...
Waaoo......ur words always work for me.just like medicine ��....bless me...
ReplyDeleteGaurav Bhagat