भगवान से अक़्ल नहीं, विद्वता नहीं -
नसीब माँगो, कृपा मांगो .......
क्योंकि मैंने हमेशा विद्वानों को भाग्यवानो के लिए काम करते देखा है
दिमाग़ वालों को नसीब वालों की नौकरी करते ही देखा है
राह-ए-हक़ पे चलने का हक़ तो सभी को है आगे बढ़ते रहने का हक़ तो सभी को है दोष ना दीजे बरसता देख बादल को दिल को हल्का करने का हक़ तो सभी को है आप...
Waaoo......ur words always work for me.just like medicine ��....bless me...
ReplyDeleteGaurav Bhagat