भगवान से अक़्ल नहीं, विद्वता नहीं -
नसीब माँगो, कृपा मांगो .......
क्योंकि मैंने हमेशा विद्वानों को भाग्यवानो के लिए काम करते देखा है
दिमाग़ वालों को नसीब वालों की नौकरी करते ही देखा है
कुल मिला कर देखूं गर, तो ज़िंदगानी अच्छी थी रास्ते समतल न थे, फिर भी रवानी अच्छी थी इक दिन 'राजन' भी कहानी बन के रह जाएगा, पर लोग स...
Waaoo......ur words always work for me.just like medicine ��....bless me...
ReplyDeleteGaurav Bhagat