अहंकार से सावधान रहें -
यह दोधारी तलवार है
बाहरी धार आपकी लोकप्रियता पर प्रहार करती है
और अंदरुनी धार आपकी सत्यता और पवित्रता पर।
अंततः यह दोनों को ही, अगर समाप्त नहीं, तो कम तो कर ही देती है।
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
Bahut hee Uttam aur shikhshadayak bachan ji.🙏
ReplyDeleteVery True🙏🙏
ReplyDelete🙏
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