विलासिता और झूठ को बनाए रखने में बहुत ज़्यादा खर्च आता है
लेकिन
सत्य और सादगी को क़ायम रखने में कोई खर्च नहीं आता।
जंगल जंगल ढूँढ रहा है मृग अपनी कस्तूरी पल पल बढ़ती जाती है यूं स्वयं से उसकी दूरी सत्गुरु कबीर जी महाराज फरमाते हैं : कस्तूरी कुंडल ...
🙏🌹💕🙏🕯
ReplyDeleteVery true
ReplyDeleteProven truth and shall remain so till eternity
ReplyDelete🙏🙏
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