किसको मिले हैं अपनी तबीयत के चार दिन ?
مرضی کسی سے وقت نے پوچھی کہاں کبھی
کس کو میل ہیں اپنی طبعیت کے چار دن
सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...
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