किसको मिले हैं अपनी तबीयत के चार दिन ?
مرضی کسی سے وقت نے پوچھی کہاں کبھی
کس کو میل ہیں اپنی طبعیت کے چار دن
निज़ाम-ए-मैकदा बिगड़ा हुआ है इस क़दर साक़ी उसी को जाम मिलता है जिसे पीना नहीं आता ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Nizaam-e-maikada bigadaa hua hai i...
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