तो अकेले चलिए - जैसे हाथी जंगल में अकेला ही घूमता है
जो आपकी प्रगति में बाधा डालें उन लोगों के साथ चलने की बजाय
अकेले रहना ही बेहतर है
निज़ाम-ए-मैकदा बिगड़ा हुआ है इस क़दर साक़ी उसी को जाम मिलता है जिसे पीना नहीं आता ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ Nizaam-e-maikada bigadaa hua hai i...
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