Wednesday, November 4, 2020

जहां रहेगा वहीं - Jahan rahega vahin

जहां  रहेगा  वहीं  रौशनी  लुटायेगा
चिराग़ का अपना कोई मुक़ाम नहीं होता

Jahan rahega vahin raushni lutaayega
Chiragh ka apna koi muqaam nahin hota 

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उस ज़ावीऐ से देख सकूं To see from such a perspective

सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो  अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो  ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं  जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...