it becomes jealousy
And if we accept it
then it becomes inspiration.
अगर हम औरों की सफलता को स्वीकार नहीं करते
अगर हम औरों की सफलता को स्वीकार नहीं करते
तो वह ईर्ष्या बन जाती है
और अगर स्वीकार कर लें
तो वो प्रेरणा बन जाती है !
एक सनातन वैदिक प्रार्थना: सर्वेषां स्वस्तिर्भवतु । सर्वेषां शान्तिर्भवतु । सर्वेषां पूर्णं भवतु । सर्वेषां मंगलं भवतु ॥ अर्थात: सबका (हर ...
🙏
ReplyDelete🙏
ReplyDeleteTrue
ReplyDeleteDhan Nirankar 🙏🙏🙏🙏🙏
ReplyDeleteSo true
ReplyDelete🙏
ReplyDelete🙏❤!
ReplyDeleteWry well said
ReplyDelete