wah..
Well said , Dhan Nirankar Ji ��
बिल्कुल सही कहा आप ने जी.
🙏
गूंगों को तकल्लुम के मवाक़े हैं मयस्सर और माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं (अज्ञात लेखक) तकल्लुम = वार्ताला...
wah..
ReplyDeleteWell said , Dhan Nirankar Ji ��
ReplyDeleteबिल्कुल सही कहा आप ने जी.
ReplyDelete🙏
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