Friday, September 10, 2021

सीखने की प्रक्रिया का कोई अंत नहीं

सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती।

अगर हम आँख कान और मन को खुला और विशाल रखें तो हमेशा कुछ न कुछ नया सीखने के लिए मिल सकता है 
क्योंकि और भी बहुत कुछ ऐसा है जो हम नहीं जानते।

इसलिए बुद्धिमान लोग हमेशा सीखने की भावना रखते हैं।
वे हर पल, हर परिस्थिति में हर एक से सीखने के लिए तैयार रहते हैं।
क्योंकि जितना अधिक वे जानते हैं, उतना ही उन्हें एहसास होता है कि अभी बहुत कुछ और सीखना बाकी है।
इसलिए, वे बिना झिझक - बिना शर्म किए सभी से कुछ न कुछ सीखने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं और उमर भर सीखते ही रहते हैं।
                                  ' राजन सचदेव '

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कबीर एह तन जाएगा Body is destined to perish

कबीर एह  तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि  नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि  हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास  एह  तन जलता देख के भयो कबीर...