जनाज़े को उनके वो रुकवा के बोले
ये लौटेंगे कब तक - कहां जा रहे हैं ?
जवाब मिला
आए थे दुनिया में दिन चार लेकर
जहां से चले थे - वहां जा रहे हैं
सुख़नवरी में बस इतना कमाल वाजिब हो अधूरी बात में पूरा ख़्याल वाजिब हो ख़ुदा करे कि मैं उस ज़ावीऐ से देख सकूं जहां से आपके अंदर का हाल वाजिब ह...
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