Not visible to the eyes.
जो अनिवार्य और नित्य सारभूत मौलिक तत्व है -
वह आंख से ओझल -अदृश्य रहता है
आंख से दिखाई नहीं देता
ये अहंकार या घमंड नहीं - आत्मसम्मान का सवाल है अगर कोई अपना लहजा बदल ले - तो हम भी अपना रास्ता बदल सकते हैं !! This isn't about pride...
No comments:
Post a Comment