Wednesday, October 2, 2024
लाल बहादुर शास्त्री - एक प्रेरणादायक प्रसंग
लाल बहादुर शास्त्री जी ने अपनी मां को कभी नहीं बताया कि वे रेल मंत्री हैं।
उन्होंने अपनी मां को कहा था कि "मैं रेलवे में नौकरी करता हूं"।
एक बार शास्त्री जी किसी कार्यक्रम में रेलवे भवन में आए जब उनकी मां भी वहां पूछते पूछते पहुंची गई कि मेरा बेटा भी यहाँ आया है, वह भी रेलवे में नोकरी करता है।
लोगों ने पूछा क्या नाम है जब उन्होंने नाम बताया तो सब चौंक गए " सुरक्षा अधिकारी बोले आप झूठ बोल रही है"।
पर वह बोली, "नहीं वह आए हैं"।
लोगों ने उन्हें लाल बहादुर शास्त्री जी के सामने ले जाकर पूछा," क्या वही है?"
तो मां बोली "हां वह मेरा बेटा है"
लोग मंत्री जी से बोले "क्या वह आपकी मां है?"
तब शास्त्री जी ने अपनी मां को बुला कर अपने पास बिठाया और कुछ देर बाद घर भेज दिया।
तो पत्रकारों ने पूछा "आपने अपनी माँ के सामने भाषण क्यों नहीं दिया?
तो वह बोले-
"मेरी मां को नहीं पता कि मैं मंत्री हूं।
अगर उन्हें पता चल जाए तो वह लोगों की सिफारिश करने लगेगी और मैं मना भी नहीं कर पाऊंगा और उन्हें अहंकार भी हो जाएगा।"
यह जवाब सुनकर सब सन्न रह गए।
"निस्वार्थि,सच्चे, ईमानदार स्वर्गीय श्री लाल बहादुर शास्त्री जी के जन्म दिन 2 अक्टूबर पर शत शत नमन
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
Education is Admirable शिक्षा प्रशंसनीय है
Education is an admirable thing, But it is well to remember from time to time - That nothing that is worth knowing can be taught....
-
मध्यकालीन युग के भारत के महान संत कवियों में से एक थे कवि रहीम सैन - जिनकी विचारधारा आज भी उतनी ही प्रभावशाली है जितनी उनके समय में थी। कव...
-
बाख़ुदा -अब तो मुझे कोई तमन्ना ही नहीं फिर ये क्या बात है कि दिल कहीं लगता ही नहीं सिर्फ चेहरे की उदासी से भर आए आँसू दिल का आलम तो अ...
-
Kaise bataoon main tumhe Mere liye tum kaun ho Kaise bataoon main tumhe Tum dhadkanon ka geet ho Jeevan ka tum sangeet ho Tum zindagi...

🙏🙏
ReplyDeleteThese are very rare and precious political gems extremely difficult to find in any country’s political arena!! They come once in millenium… may be…. 🙏
ReplyDelete