तो उसका कारण ये है -
कि उस ने बहुत समय पहले अपने आँगन में वो पेड़ लगाया था।
जो हम भविष्य में चाहते हैं
उसके लिए आज ही प्रयत्न करना पड़ेगा
जीवन में जब द्वन्द बढ़ने लगे हृदय जब दुःखों से बिखरने लगे तो लेना प्रभु का सहारा प्रिये दर उसका खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए ...
True🙏
ReplyDeleteJi 🙏
ReplyDeleteAnil Gambhir
🙏🙏
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