Tuesday, June 6, 2023

वक़्त के संग चलने में ही ख़ैर है

हर शै पे होता है जग में वक़्त का साया 
कौन है जो वक़्त की ज़द में नहीं आया
वक़्त के संग चलने में ही ख़ैर है 'राजन 
रह गया जो वक़्त के संग चल नहीं पाया 
                          " राजन सचदेव " 
       
संसार में हर चीज़ वक़्त से प्रभावित होती है - समय के साथ हर चीज़ बदल जाती है 
हर वस्तु - हर पदार्थ में परिवर्तन आ जाता है। 
समय हर प्राणी को बचपन से जवानी और जवानी से बुढ़ापे की तरफ ले जाता है।  
समय के साथ नए उपकरण - नई टेक्नॉलोजी का आगमन होता है 
समय बदलता है तो समाज में नये कानून और नये रीति-रिवाज़ का समावेश होता है। 
और जो लोग समय के साथ अपने आप को बदल नहीं पाते वो पीछे रह जाते हैं। 
आम तौर पर माता-पिता - वयोवृद्ध एवं बुज़ुर्ग लोग बदलते समय के साथ स्वयं को बदल नहीं पाते 
इसीलिए अक़्सर पुरानी और नई पीढ़ी में असहमति - मन-मुटाव और टकराव पैदा हो जाता है। 
दिलों में दूरियां - रिश्तों में कड़वाहट आ जाती है  - परिवारों में संघर्ष और अलगाव की भावना पैदा होने लगती है। 
इसलिए - अगर परिवारों में और अपने समाज में शांति बनाए रखनी हो तो समय के साथ चलने में ही भलाई है।         
                      " राजन सचदेव " 

3 comments:

  1. It's true🌺🌼💐

    ReplyDelete
  2. Very true.
    Just like they say in USA,
    “Go with the flow “
    Sukhdev Singh Chicago

    ReplyDelete
  3. Bilkul theekji..🙏

    ReplyDelete

Others can only offer us a cage दूसरे तो सिर्फ पिंजरा ही दे सकते हैं।

Others can only offer us a cage If we place our expectations entirely on others, we will only get a cage.             A nest is built by one...