यदि हम कुछ अच्छा करने के लिए सही समय की प्रतीक्षा करते रहेंगे -
तो हम जीवन भर प्रतीक्षा ही करते रहेंगे -
और वो सही समय - कभी भी नहीं मिलेगा।
कबीर एह तन जाएगा सकहु ता लेहु बहोरि नागे पाओं ते गए जिन के लाख करोरि हाड़ जले ज्यों लाकड़ी - केस जले ज्यों घास एह तन जलता देख के भयो कबीर...
That is why we say kal kare so aaj kar , aaj kare so ab, palmen pralay hoyegi , bahuri karega kab
ReplyDeleteAaj kare so kal kar, kal kare so parson,
ReplyDeleteItni jaldi kya hai bande, jab jeena hai barson !