एक विचारणीय प्रश्न
यदि हर व्यक्ति हमारी दैनिक दिनचर्या की नकल करने लगे—
यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने चुने हुए पसंदीदा नेता की दिनचर्या, कार्य-शैली और जीवन-पद्धति का अनुसरण करने लगे—
तो क्या समाज का उत्थान होगा या पतन?
क्या वह समाज विकसित होगा, या धीरे-धीरे गिरावट और विघटन की ओर बढ़ने लगेगा? धीरे-धीरे बिखरने लगेगा?
क्या उनको मानने वालों का जीवन पहले से बेहतर हो जाएगा?
क्या वे अधिक जागरुक, अधिक ज़िम्मेदार और दूसरों के प्रति अधिक संवेदनशील बनेंगे?
या वो पहले से अधिक कमज़ोर, आश्रित और दूसरों पर निर्भर हो कर असंवेदनशील होते चले जाएँगे?
केवल प्रभावशाली भाषणों और अनुकरण मात्र से ही प्रगति सुनिश्चित नहीं होती।
प्रगति का वास्तविक माप दंड इस बात में निहित है कि किसी नेता का अनुकरण उसके अनुयाइयों को कितना अधिक जागरुक, ज़िम्मेदार और संवेदनशील बनाता है।
क्या यह लोगों की चेतना - व्यक्तिगत विवेक, उत्तरदायित्व और करुणा को सशक्त और सुदृढ़ करता है ?
या फिर धीरे-धीरे उनकी नैतिक शक्ति को क्षीण कर देता है और उन्हें महज एक निष्क्रिय अनुयायी बना देता है?
कई बार एक समाज ऊपर से तो बहुत अनुशासित और सुव्यवस्थित दिखता है लेकिन यदि लोगों को प्रश्न करने, स्वतंत्र रुप से सोचने और स्वयं निर्णय लेने से हतोत्साहित किया जाए तो वह धीरे धीरे अंदर से खोखला होता चला जाता है।
जब नेतृत्व और व्यवस्था - व्यक्तिगत चेतना और विवेक का स्थान ले ले और महज अनुकरण - अंतर्दृष्टि का स्थान ले ले— तो कुछ समय के लिए तो व्यवस्था और अनुशासन कायम हो सकता है लेकिन इस प्रक्रिया में वह समाज अपनी आत्मा को खो बैठता है।
अंततः प्रश्न केवल नेतृत्व का नहीं है।
प्रश्न है अंध विश्वास का - अंधे अनुकरण का—
प्रश्न ये है कि विचारधारा या निष्ठा एवं पंथ के नाम पर अपने विवेक और आंतरिक उत्तरदायित्व का त्याग कर देना कहां तक न्यायसंगत है?
" राजन सचदेव "
सत्य है
ReplyDeleteEk dum satya ji❤️❤️🙏
ReplyDeleteAbsolutely correct. Stagnant water gets dirty soon. It is extremely difficult to turn a steering wheel when the vehicle is stopped. Fanatic and Stagnant thoughts lead to destruction of self and the society. Blindly following anything brings rust to the Brain, thought process and healthy progress.
ReplyDeleteDevelopment and progress in any project or in any organization or any community or country solely depends on awareness, open discussion, eagerness to embrace new ideas, new researches and evidence based approaches.
Orthodoxy creates a cult of people living in a pond, creates a false belief that they are the best in the world, satisfied and happy…
Thank you for bringing up this awareness🙏🙏
true ji🙏
ReplyDeleteAti uttam ji
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