"मन हारकर मैदान नहीं जीते जाते
और न ही मैदान जीतने से मन जीते जाते हैं "
(श्री अटल बिहारी वाजपेयी -पूर्व प्रधानमंत्री)
जीवन के किसी भी क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ पूरी तरह मन लगा कर काम करने से ही सफलता प्राप्त की जा सकती है -
- हारे हुए अथवा अधूरे मन से काम करने से नहीं।
दूसरी तरफ, इस बात की ओर भी संकेत है कि केवल युद्ध जीत लेने से -
- या किसी बहस अथवा शास्त्रार्थ में विजय प्राप्त कर लेने से ही लोगों के मन को नहीं जीता जा सकता।
मन तो केवल करुणा प्रेम और सद्भाव से ही जीते जा सकते हैं।
" राजन सचदेव "
ABSOLUTELY RIGHT, DHAN NIRANKAR JI
ReplyDeleteAbsolutely very true .Bahut hee Uttam aur Shikshadayak bachan ji .🙏
ReplyDeleteTuhi Nirankar 🙏🙏
ReplyDelete🙏🙏
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